Emerald

बुध का प्रिय रत्न पन्ना है। पन्ना हिंदी का शब्द है। पन्ने को उर्दू और फ़ारसी में जमरूद कहा जाता है और पन्ने को english में Emerald के नाम से जाना जाता है। संस्कृत में पन्ने को कई नामों से जाना जाता है जैसे- मरकत, पाचि, गरुत्म, हरितमणि, गारलारि आदि। एमराल्ड यानि पन्ने  का रंग हरा होता है। पन्ना अपने सवरूप की वजह से सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है। पन्ना रत्न 02 प्रकार का होता है, गोल और चकोर।

Emerald
Emerald

 

Emerald यानी पन्ना धारण करने की विधि 

पन्ना यानि emerald धारण करने के लिए बुधवार का दिन सबसे उत्तम दिन माना गया है। Emerald को सोने की धातु में जड़वाकर left hand की सबसे छोटी ऊँगली में पहनने से लाभ मिलता है। सोना महँगा होने के कारन इसको चाँदी में भी जड़वाया जा सकता है, हलाकि चाँदी में जड़वाने से इसके लाभ कुछ कम हो जाते हैं । धारण करने से पहले जातक यह जान ले के पन्ने का असर जातक के ऊपर 03 वर्ष तक ही असर दिखाएगा। अत : जातक को चाहिए कि हर 03 वर्ष कि बाद दूसरा पन्ना धारण कर पहले वाले को बेच दे। दुसरे के पास जाकर वही पन्ना जड़ित मुद्रिका फिर से अपना असर दिखाए गी। इस के इलावा पन्ने के 02 उप रत्न भी हैं, जैसे कि टोडा और बेरुज। इन दोनों को भी सोने कि मुद्रिका में धारण करना चाहिए। पन्ने को धारण करने एवं इसकी भस्म का सेवन करने से खांसी, बवासीर, रक्त एवं गुर्दा रोग आदि का निदान किया जा सकता है।

Emerald के प्राप्ति स्थान

पन्ना अमेरिका, अफ्रीका, मिश्र, पाकिस्तान, तथा भारत में – महा नदी, सोन नदी, गंडक, सिंधु नदी, हिमालय, गिरनार, त्रिकूट पर्वत और आबू आदि स्थानों में प्राप्त होता है।

असली एमराल्ड यानि पन्ने की पहचान 

असली पन्ने की पहचान करनी हो तो आप एक बूँद के छोटे से कतरे को अपनी ऊँगली से उठा कर पन्ने के ऊपर धैर्य से रखें। ऐसा करने के बाद पन्ना रत्न को उल्टा करदें। उल्टा कर देने के बाद अगर पानी का कतरा Emerald से चिपका रहता है तो समझ लें के रत्न  असली है।

अधिक जानकारी के लिए निचे  दिए हुए comment box में comment करे आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।

रतन धारण करने से पहले अपने फैमली एस्ट्रोलॉजर से सलाह जरूर लें।

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