PEARL STONE

PEARL STONE यानि मोती। मोती चन्द्रमा मत्लब चंद्र राशि का रत्न है। यह PEARL STONE गोलाकार का होता है। दिखने में सफ़ेद रंग का प्रतीत होता है। PEARL STONE को कई नामों से जाना जाता है, जैसे संस्कृत में मोती को मुक्ता, मौक्तिक तथा इन्दुरत्न कहा जाता है। मोती रत्न को अंग्रेजी में PEARL STONE के नाम से पुकारा जाता है।

pearl stone

PEARL STONE को धारण करने की विधि

जातक को मोती रत्न सोमवार के दिन धारण करना चाहिए। Pearl stone को चाँदी की अंगूठी में जड़वाकर धारण करना चाहिए। धारण करने से पहले जातक को नहा लेना जरूरी है। नहा कर चंद्र के बीज मंत्र का उच्चारण कर pearl stone को धारण करने से इसके अधिक फायदे मिलते हैं।

PEARL STONE कहाँ पाए जाते हैं

मोती रत्न श्री लंका, ऑस्ट्रलिया, वेंजियूला, मैक्सिको, फारस की खाड़ी, सिंहल द्धीप, चुना खाड़ी तथा दक्षिण भारत में पाए जाते हैं। श्री लंका का समुद्र तट मोतियों के उत्पाद में इतना महत्वपूर्ण स्थान नहीं रखता क्यों कि यहाँ के PEARL STONE बहुत छोटे होते हैं। यहाँ मोतियों को निकलने का काम सरकार के हाथ में है। ऑस्ट्रलिया के समुद्र तट पर पाए जाने वाले मोती की अमेरिका और इंग्लैंड में बहुत डिमांड है। वेंजियूला में पाए जाने वाले मोती थोड़े पीले पन्न में दिखाई देते हैं। ऐसे मोती अधिक ताकतवर और मूल्यवान होते है। मेक्सिको में जो pearl stone मिलते हैं वो काले रंग के होते है जो देखने में अत्यंत ही सुन्दर और मनमोहक होते हैं। फारस की खाड़ी में मिलने वाले मोती को बसरा का मोती कहा जाता है। यह सबसे उत्तम क्वालटी का होता है क्यों के सबसे टिकाऊ होता है। सिंहल में पाए जाने वाले मोती को काहिल का मोती बोलते हैं। यह वजन में दुसरे मोतियों के हिसाब से थोड़ा कम होता है और चमक भी दुसरे मोतियों की तुलना में ज्यादा रखता है। इसके इलवा चुना खाड़ी में पाए जाने वाले pearl stone गुलाबी रंग के होते हैं । दक्षिण भारत में पाए वाले मोती भारत के प्रांत तमिलनाडु से निकलते हैं। भारत में पाए जाने वाला मोती तूतीकोरिन के नाम से प्रसिद्ध है।

असली मोती pearl stone की पहचान

1. जले हुए देसी घी में रखने से अगर घी पिघल जाता है तो असली pearl stone मानना चाहिए, अगर घी नहीं पिघलता है तो नकली माने।
2. कांच के गिलास में पानी भर कर उसमे मोती डाल दें। यदि पानी से किरणे सी निकले तो असली अन्यथा नकली।

रतन धारण करने से पहले अपने फैमली एस्ट्रोलॉजर से सलाह जरूर लें।

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