RED CORAL

मंगल का प्रिय रत्न मूंगा है। मूंगा हिंदी का शब्द है। मूंगा को उर्दू और फ़ारसी में मिरजान कहा जाता है और english में red coral के नाम से जाना जाता है। संस्कृत में red coral को कई नामों से जाना जाता है जैसे- अंगारक मणि, लतामणि और रक्तांग। Red Coral गहरे लाल रंग का, सिंदूरी और हिंगुल रंग का होता है। कुछ मूंगे गुलाबी तथा सफ़ेद रंग के भी होते हैं। बाज़ार में red coral कई तरह की बनावट में मिलता है। जैसे गोल, चकोर, लम्बा और त्रिकोणा। त्रिकोणा red coral उसी जातक को पहनना चाहिए जिसकी कुंडली में मंगल त्रिकोण स्थान का स्वामी हो।

red coral मूंगा
Red coral मूंगा

RED CORAL यानी मूंगा धारण करने की विधि 

मूंगा धारण करने के लिए मंगलवार का दिन सभसे उत्तम दिन मन गया है। और साथ में इसी दिन चन्द्रमा मेष या बृश्चिक राशि में होना चाहिए। जिस दिन ऐसा संयोग हो उस दिन सूर्य उदय से 11 बजे सुबह के मध्य मूंगा सोने की अंगूठी में जड़ा हुआ धारण करें। RED CORAL का जातक के ऊपर 3 वर्ष 3 दिन तक प्रभाव रहता है। इसके पश्चात धारण किया हुआ मूंगा बेच कर नया मूंगा इसी विधि से धारण करें। पुराना हो चुका मूंगा जब कोई दूसरा जातक धारण करेगा तो वह फिर से असर देगा।

RED CORAL प्राप्ति स्थान

भूमध्य सागर के समुद्री तट पर Red Coral यानि मूंगा के जन्तु पाये जाने के प्रमुख स्थान हैं। एल्जीरिया, तुनिशिया, करसिका, सार्डिनिया और सिसली के समुद्री तटों से मूंगा प्राप्त होता है। यहाँ से मूंगे को निकालने का काम इटली के निवासी करते हैं।

असली Red Coral की पहचान 

यदि मूंगे को रक्त में डाल दिया जाये हो उसके चारों ओर गाढ़ा रक्त इक्कठा हो जाता है। दूसरी विधि के अनुसार यदि Red coral को सफ़ेद कागज अथवा धूनी हुई रूई पर रखकर कुछ देर तक सूर्य के सामने रखा जाये तो इनमे आग लग जाएगी। तीसरी विधि के अनुसार अगर मूंगे को अगर गायke दूध में डुबो दिया जाये तो दूध में लाल रंग की परछाई सी दिखने लगती है।
अधिक जानकारी के लिए निचे  दिए हुए comment box में comment करे आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।

रतन धारण करने से पहले अपने फैमली एस्ट्रोलॉजर से सलाह जरूर लें।

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