Saturn Stone Blue Sapphire

शनि राशि का प्रतीक नीलम रत्न। इसका रंग नीला, आसमानी, बैंगनी आदि होता है। Saturn Stone Blue Sapphire को कई नामों से जान जाता है। इसको हिंदी में नीलम, संस्कृत में इंद्रनील मणि, फारसी भाषा में इसको याकूत तथा अंग्रेजी में नीलम को सफायर टरग्यूज कहते हैं।

नीलम रत्न प्राप्ति स्थान

नीलम रत्न हमारे देश भारत और कई अन्य देशो में भी पाया जाता है। विदेशो में Saturn Stone Blue Sapphire यानि नीलम रत्न बर्मा, श्री लंका, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, श्याम और रोडेशिया में पाया जाता है। भारत में यह रत्न कश्मीर, ब्रह्मपुत्र, हिमालय, आबू आदि क्षेत्र में पाया जाता है। सबसे उत्तम नीलम भारत के कश्मीर प्रदेश में पाए जाते हैं। कश्मीर में Saturn Stone Blue Sapphire की खान 14940 फुट की ऊँचाई पर सूमजाक नामक गाँव के निकट है।

Saturn Stone Blue Sapphire
Blue Sapphire

असली Saturn Stone Blue Sapphire की पहचान

गाय के दूध में अगर नीलम को डाल दिया जाये तो दूध का रंग नीला हो जाता है। अगर नीलम को सूरज की रोशनी में रख दिया जाये तो उसमे से नीले रंग की आभा निकलती प्रतीत होती है। तीसरी विधि में जब Saturn Stone Blue Sapphire को काँच के गिलास में जो पानी से भरा हुआ हो में रखें तो पानी में से नीले रंग की किरणे सी निकलती हुई स्पष्ट दिखाई देती हैं।

नीलम का जातक के ऊपर प्रभाव

धारणकर्ता को धारण करने वाले दिन की रात्रि में यदि बुरे स्वपन या भय हो तो उसे समझ लेना चाहिए के Saturn Stone Blue Sapphire  यानी नीलम उसके लिए उपयोगी नहीं है अत : तुरंत मुद्रिका उतर देनी चाहिए। यदि नीलम रत्न अनुकिल पड़े तो धन, सुख-सम्पति, यश, मान, आयु, बुद्धि तथा वंश की वृद्धि करता है। यह रत्न रोग नाश रत्न है। Saturn Stone Blue Sapphire से नेत्र रोग भी दूर होते हैं। इस के इलावा नीलम धारण करने और नीलम भसम का प्रयोग करने से हिचकी, पागलपन, ज्वर, दमा, खांसी और अजीर्ण आदि के रोगों को ख़त्म किया जा सकता है।

नीलम धारण करने के विधि

शनिवार के दिन स्वाति, विशाखा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद अथवा चित्रा नक्षत्र हो तथा शनि मकर यां कुम्भ राशि में हो तो सोने, लोहे अथवा अष्ट धातु की मुंद्रिका में नीलम को जड़वायें। फिर अगले शनिवार के दिन पवित्र स्थान पर पवित्र हो कर 09 तोले चाँदी के पत्र पर शनि मंत्र का निर्माण कर उस पर अंगूठी स्थापित करें तथा विधि पूर्वक पूजन कर शनि के बीज मंत्र का जाप करते हुए हवन में 6 बार आहुतियाँ दें। तत्पश्चात आरती और विसर्जन मुद्रिका को दाहिने हाथ के अंगूठे से चौथी अंगुली में धारण करें। Saturn Stone Blue Sapphire  यानी नीलम जातक के ऊपर धारण करने से 05 वर्ष तक असर दिखाता है।

अधिक जानकारी के लिए निचे  दिए हुए comment box में comment करे आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।

रतन धारण करने से पहले अपने फैमली एस्ट्रोलॉजर से सलाह जरूर लें।

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